जयनगर-कुर्था रेल लाईन परियोजना पूर्ण, परिचालन हेतु एसओपी तैयार

जयनगर-कुर्था रेल लाईन परियोजना पूर्ण, परिचालन हेतु एसओपी तैयार

पटना: बिहार के संदर्भ में राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के सदन में पूछे गए सवाल पर रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि जयनगर (भारत) और कुर्था (नेपाल) के बीच आमान परिवर्तन परियोजना का कार्य 548 करोड़ की लागत से अक्टूबर, 2018 में पूरा हो गया है। इस रेलखंड पर परिचालन के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जबकि आगे रेलमंत्री ने बताया कि 422 करोड़ अनुमानित लागत की जोगबनी-विराटनगर 18.6 कि.मी. लम्बी नई बड़ी आमान लाइन परियोजना को 2010-11 में स्वीकृति दी गई थी।

जोगबनी की जगह बथनाहा से दो चरणों में शुरू काम का पहले चरण के लिए 286 करोड़ खर्च कर 2018 में कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने आगे कहा कि बथनाहा-विराटनगर खंड में पहले चरण में बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड (8 कि.मी.) पर रेल लाइन का कार्य नवम्बर, 2018 में पूरा हो चुका है। बथनाहा कस्टम यार्ड और नेपाल कस्टम यार्ड में माल संबंधी सुविधाओं का विकास कार्य शुरू किया गया है। दूसरे चरण में नेपाल कस्टम यार्ड से विराटनगर (10.6 कि.मी.) में कार्य शुरू हो गया है। फिलहाल, विराटनगर यार्ड के 1.8 कि.मी. लम्बाई के लिए 59.34 एकड़ भूमि नवम्बर, 2019 में ही नेपाल सरकार को सौंप दी गई है। नेपाल सरकार द्वारा 11 ओवर हेड विद्युत लाइनों को अभी शिफ्ट किया जाना बाकी है। इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं रेलमंत्री के अनुसार आमान परिवर्तन परियोजना के तहत भारत के जयनगर और नेपाल के कुर्था खंड का कार्य अक्टूबर, 2018 मे पूरा होने के बाद नेपाल सरकार द्वारा कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड से 1600 एचपी के डीजल-इलैक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट डेमू रेकों के 2 सेट खरीदे गए हैं। परिचालन के लिए एसओपी तैयार कर ली गई है। नेपाल रेलवे की टिप्पणी प्राप्त होने के बाद इस खंड पर गाड़ी परिचालन की तिथि तय की जाएगी।

 

 

 

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पटना: बिहार के संदर्भ में राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के सदन में पूछे गए सवाल पर रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि जयनगर (भारत) और कुर्था (नेपाल) के बीच आमान परिवर्तन परियोजना का कार्य 548 करोड़ की लागत से अक्टूबर, 2018 में पूरा हो गया है। इस रेलखंड पर परिचालन के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जबकि आगे रेलमंत्री ने बताया कि 422 करोड़ अनुमानित लागत की जोगबनी-विराटनगर 18.6 कि.मी. लम्बी नई बड़ी आमान लाइन परियोजना को 2010-11 में स्वीकृति दी गई थी। जोगबनी की जगह बथनाहा से दो चरणों में शुरू काम का पहले चरण के लिए 286 करोड़ खर्च कर 2018 में कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने आगे कहा कि बथनाहा-विराटनगर खंड में पहले चरण में बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड (8 कि.मी.) पर रेल लाइन का कार्य नवम्बर, 2018 में पूरा हो चुका है। बथनाहा कस्टम यार्ड और नेपाल कस्टम यार्ड में माल संबंधी सुविधाओं का विकास कार्य शुरू किया गया है। दूसरे चरण में नेपाल कस्टम यार्ड से विराटनगर (10.6 कि.मी.) में कार्य शुरू हो गया है। फिलहाल, विराटनगर यार्ड के 1.8 कि.मी. लम्बाई के लिए 59.34 एकड़ भूमि नवम्बर, 2019 में ही नेपाल सरकार को सौंप दी गई है। नेपाल सरकार द्वारा 11 ओवर हेड विद्युत लाइनों को अभी शिफ्ट किया जाना बाकी है। इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं
 
रेलमंत्री के अनुसार आमान परिवर्तन परियोजना के तहत भारत के जयनगर और नेपाल के कुर्था खंड का कार्य अक्टूबर, 2018 मे पूरा होने के बाद नेपाल सरकार द्वारा कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड से 1600 एचपी के डीजल-इलैक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट डेमू रेकों के 2 सेट खरीदे गए हैं। परिचालन के लिए एसओपी तैयार कर ली गई है। नेपाल रेलवे की टिप्पणी प्राप्त होने के बाद इस खंड पर गाड़ी परिचालन की तिथि तय की जाएगी।



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पटना: बिहार के संदर्भ में राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के सदन में पूछे गए सवाल पर रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि जयनगर (भारत) और कुर्था (नेपाल) के बीच आमान परिवर्तन परियोजना का कार्य 548 करोड़ की लागत से अक्टूबर, 2018 में पूरा हो गया है। इस रेलखंड पर परिचालन के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जबकि आगे रेलमंत्री ने बताया कि 422 करोड़ अनुमानित लागत की जोगबनी-विराटनगर 18.6 कि.मी. लम्बी नई बड़ी आमान लाइन परियोजना को 2010-11 में स्वीकृति दी गई थी। जोगबनी की जगह बथनाहा से दो चरणों में शुरू काम का पहले चरण के लिए 286 करोड़ खर्च कर 2018 में कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने आगे कहा कि बथनाहा-विराटनगर खंड में पहले चरण में बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड (8 कि.मी.) पर रेल लाइन का कार्य नवम्बर, 2018 में पूरा हो चुका है। बथनाहा कस्टम यार्ड और नेपाल कस्टम यार्ड में माल संबंधी सुविधाओं का विकास कार्य शुरू किया गया है। दूसरे चरण में नेपाल कस्टम यार्ड से विराटनगर (10.6 कि.मी.) में कार्य शुरू हो गया है। फिलहाल, विराटनगर यार्ड के 1.8 कि.मी. लम्बाई के लिए 59.34 एकड़ भूमि नवम्बर, 2019 में ही नेपाल सरकार को सौंप दी गई है। नेपाल सरकार द्वारा 11 ओवर हेड विद्युत लाइनों को अभी शिफ्ट किया जाना बाकी है। इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं
 
रेलमंत्री के अनुसार आमान परिवर्तन परियोजना के तहत भारत के जयनगर और नेपाल के कुर्था खंड का कार्य अक्टूबर, 2018 मे पूरा होने के बाद नेपाल सरकार द्वारा कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड से 1600 एचपी के डीजल-इलैक्ट्रिक मल्टिपल यूनिट डेमू रेकों के 2 सेट खरीदे गए हैं। परिचालन के लिए एसओपी तैयार कर ली गई है। नेपाल रेलवे की टिप्पणी प्राप्त होने के बाद इस खंड पर गाड़ी परिचालन की तिथि तय की जाएगी।

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