आज से बिहार में 6 बजे शाम से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू, दुकानें 4 बजे तक ही खुलेंगी

आज से बिहार में 6 बजे शाम से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू, दुकानें 4 बजे तक ही खुलेंगी

दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के बारे में पूर्व में दिए गए निदेश का सख्ती से अनुपालन जिला पदाधिकारी करेंगे और उसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी करायेंगे।
• सार्वजनिक परिवहन 50 प्रतिशत सिटिंग क्षमता के अधीन चलेंगी
• सभी सेवानिवृत्त चिकित्सकों, एलोपैथिक, आयुष, डेंटिस्ट को भी काम पर उपर्युक्त आवश्यकता के अनुसार लगाया जाएगा।
• स्वास्थ्य प्रक्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठान एवं गतिविधियाँ > ठेला पर फल / सब्जी की घूम घूम कर बिकी
• रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकान पर रात्रि 9 बजे तक टेक होम अनुमान्य होगा।
• जाँच की संख्या बढ़ाई जाए और आर०टी०पी०सी०आर० टेस्ट हेतु और अधिक मशीन कय कर (मानव बल की भी व्यवस्था के साथ) इसे कार्यशील किया जाए।
• चुनाव से लौटे (पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों से पुलिस कर्मियों की कोविड जाँच की जाए।
• रेमडेसिविर एवं अन्य दवाएँ आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को आसानी से एवं एक निर्धारित प्रक्रिया के अंदर मिल जाए इसकी सुनिश्चित व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग करे।
• बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस किराए पर हर जिले में लिया जाए।
• राज्य मुख्यालय स्तर पर एवं जिला मुख्यालय स्तर पर कार्यरत हेल्पलाइन को और संवेदनशील, सुदृढ़ एवं उत्तरदायी बनाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए की आम लोगों की शिकायतों एवं सुझावों का शीघ्र निराकरण हो।
• सभी जिला पदाधिकारी इस आदेश के अनुपालन हेतु द० प्र० सं० की धारा 144 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा निर्गत करेंगे।

कोरोना वायरस जनित महामारी की दूसरी लहर से देश के अनेक राज्य बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। बिहार में भी पिछले कुछ दिनों से कोरोना पोजिटिव मामलों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उपर्युक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा विभागीय आदेश संख्या-2633 दिनांक 09.04.2021 के माध्यम से संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए कुछ प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है, जो 30.04.2021 तक लागू हैं।
पुनः राज्य में कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार की जिलावार समीक्षा के उपरान्त कोविड संक्रमण के मामलों को नियंत्रित करने एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभागीय आदेश संख्या 40 (वि०स०को०) दिनांक 18.04.2021 के माध्यम से अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं, जो 15.05.2021 तक लागू हैं।
जिला प्रशासन बाजारों में स्टेगरिंग करेगा ताकि भीड़ नहीं हो इसके लिए आवश्यकतानुसार क्षेत्रवार / मोहल्लावार दुकानों को अल्टरनेट डे पर खोलने का आदेश दिया जा सकेगा। आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन भीड़-भाड़ की जगह वाली मंडियों पर भी प्रतिबन्ध लगाते हुए उन्हें खुले जगह में स्थानान्तरित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई कर सकता है।
विवाह समारोह के लिए 50 व्यक्तियों की एवं अंतिम संस्कार के लिए 20 व्यक्तियों की अधिसीमा रहेगी। विवाह समारोह के लिए रात्रि कर्फ्यू रात्रि 10 बजे से प्रभावी होगी। विवाह समारोह में डी०जे० का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि के दौरान सभी सरकारी एव गैर सरकारी कार्यालय 25 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्य करेंगे ( आवश्यक सेवाओं से संबंधित कार्यालयों को छोड़कर )। सभी कर्मियों ( सरकारी एवं गैर सरकारी सेवक) को घर से काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालय 4 बजे अप० बन्द हो जायेगी।
कंटेनमेंट जोन गठित करने के पूर्व में दिए गए राज्य सरकार के निदेश के क्रम में एवं भारत सरकार द्वारा 25 अप्रैल, 2021 को दिए गए एडवाइजरी के आलोक में जिला प्रशासन जिले के अंदर जरूरत के अनुरूप कंटेनमेंट जोन्स गठित करेंगे और उपर्युक्त प्रतिबंधों के अतिरिक्त प्रतिबंध यथा सब्जी, फल, मांस, मछली, किराना एवं दवा की दुकानों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानों को बंद करने आदि के लिए सक्षम होंगे।
राज्य सरकार कोविड से मरे हुए सभी व्यक्तियों ( इसमें कोविड टेस्ट में निगेटिव परन्तु कोविड के लक्षण वाले मरीज भी सम्मिलित होंगे) का अंतिम संस्कार अपने खर्च पर कराएगी। नगर विकास विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग इसके लिए क्रमशः नगर निकाय एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को अधिकृत कर आवश्कतानुसार राशि आवंटित करेंगे।
माइकिंग के माध्यम से प्रचार कराते समय अन्य बातों के अलावा कोरोना संक्रमण की स्थानीय स्थिति को भी बताया जाए ताकि प्रचार का अच्छा प्रभाव पड़े।

तीन लाख सक्रिय कोविड मरीज मानते हुए सभी प्रकार की आधारभूत संरचना यथा बेड, पाईपऑक्सीजन, वेंटीलेटर , ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आदि की तैयारी की जाए।
इस क्रम में 3 लाख सक्रिय कोविड मरीज के लिए आवश्यक मानव बल यथा चिकित्सक (एलोपैथिक, आयुष, यूनानी, डेंटिस्ट चिकित्सक सहित ), लैब टेक्नीसियन, नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ एव एनेस्थेटिस्ट के अस्थायी पदों का सृजन कर वाक-इन-इन्टरव्यू के माध्यम से न्यूनतम एक वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्ति की जाए। इन नियुक्त निजी व्यक्तियों को संविदा कर्मियों की भाँति एक साल के सरकारी अनुभव की अधिमानता भी दी जाए।
कोविड के लक्षण वाले रोगी (भले ही कोविड टेस्ट में निगेटिव हों) को भी अस्पताल में भर्ती कर उनका ईलाज किया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में जो आदेश जारी किया है उसका अनुपालन अच्छे से कराया जाए। > सारे भेंटीलेटर को चालू किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग एवं जिला
स्वास्थ्य विभाग में ऐसी व्यवस्था की जाए कि सभी जिलों के जिला पदाधिकारियों से स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रकार के अद्यतन आंकड़े एवं सुझाव हर 2 दिन पर विभाग को मिल जाए। इन आंकड़ों के आधार पर यदि आवश्यक हो तो विभाग समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेगा।

निजी अस्पताल, जो केवल कोरोना मरीजों के इलाज में लगे हुए हैं उनकी समस्या के निराकरण के लिए संस्थागत व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग बना ले और इसके माध्यम से नियमित बैठक कर समस्यों का निराकरण करे।
गत वर्ष की तरह मुज्जफरपुर में कोरोना संक्रमण के लिए अतिरिक्त अस्थायी अस्पताल का निर्माण कराया जाय।
अस्पतालों में चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी कोविड मरीजों के ईलाज को देखें। चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी की सुरक्षा के लिए गृह विभाग एवं जिला प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करे।

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