जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए नीतीश ने अपनी अनुशंसा केन्द्र सरकार को भेज दी है

जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए नीतीश ने अपनी अनुशंसा केन्द्र सरकार को भेज दी है

  • वर्ष 2007, 2017, 2018 एवं 2019 में भी भारत रत्न की मांग कर चुके हैं नीतीश
  • एक बार फिर ट्वीट कर मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग की
  • जननायक के विचारों को धरती पर उतारने के लिए लगातार प्रयत्नशील हूं-नीतीश

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विकास पुरुष के तौर पर जाना जाता है। इनके सधे कदमों से किए गए विकास की पूरी दुनिया मुरीद है। हमेशा नपे तौले शब्दों को बोलने वाले, न्यायोचित बातें करने वाले नीतीश कुमार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए अपनी अनुशंसा केन्द्र सरकार को एक बार फिर से भेज दी है। मुख्यमंत्री के ट्वीट से मिली जानकारी के अनुसार इससे पहले भी वर्ष 2007, 2017, 2018 एवं 2019 में भारत रत्न के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर नाम की अनुशंसा की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी ख्वाहिश है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से विभूषित किया जाय।
24 जनवरी को आयोजित जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जब हम विधायक थे उस समय से ही कर्पूरी जी के निधन के पश्चात कार्यक्रम करते आ रहे हैं और बाद में कर्पूरी जी का जयंती समारोह कार्यक्रम बड़े पैमाने पर मनाया जाने लगा। मेरा शुरु से उद्देश्य रहा है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के विचारों को धरती पर उतारा जाए और हम इसके लिए लगातार प्रयत्नशील भी हैं।
आज भले ही जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न देने की मांग करने वालों की होड़ मची हो, मगर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की बागडोर संभालने के साथ ही 2007 में इन्हें भारत रत्न दिए जाने की मांग कर दिए थे। यहीं आकर उनके मांग का सिलसिला नहीं थमा बल्कि नीतीश कुमार ने वर्ष 2007 के अलावे 2017, 2018 एवं 2019 के अलावे 2021 में यानी पांचवी बार इनको भारत दिए जाने की मांग कर सच्ची श्रद्धांजलि देने का काम किया है। बिहार की सियासत में ‘गुदड़ी के लाल’ से मशहूर जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचार और दर्शन से प्रभावित मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर एक बार फिर बिहार के जननायक को भारत रत्न सम्मान देने की मांग कर उन्हें सम्मान दिया है। जननायक के पैतृक गांव समस्तीपुर जिले पितौझिया कर्पूरी ग्राम में रेलवे स्टेशन है, जिससे होकर कई ट्रेनें गुजरती हैं, जो देश की राजधानी दिल्ली तक भी जाती हैं।

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