नई तकनीक को सीखने से छात्रों को काम करने का मौका मिलेगा, इंडस्ट्री का भी होगा विकासः मुख्यमंत्री

नई तकनीक को सीखने से छात्रों को काम करने का मौका मिलेगा, इंडस्ट्री का भी होगा विकासः मुख्यमंत्री

• टाटा टेक्नोलॉजी बनाएगी बिहार के औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्रों को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस
• मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य के आईटीआईज को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने के लिए टाटा टेक्नोलॉजी के साथ एम0ओ0यू0 किया जाएगा
• आई0आई0टी0 संस्थानों में ऑनलाइन ट्रेनिंग के साथ-साथ फिजिकल ट्रेनिंग भी कराएं- मुख्यमंत्री
• जिन आईआईटी भवनों का निर्माण अभी पूर्ण नहीं हुआ है उन्हें जल्द पूर्ण करें और उसमें संस्थान को शिफ्ट करें- मुख्यमंत्री
• जरुरत के मुताबक ट्रेनरों की संख्या भी बढ़ाएं- मुख्यमंत्री
• नई तकनीक को सीखने से छात्रों को काम करने का मौका मिलेगा साथ ही इंडस्ट्री का भी विकास होगा- मुख्यमंत्री

पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में श्रम संसाधन विभाग ने प्रस्तुतिकरण दिया जिसमें राज्य के आईटीआई में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्थापित करने हेतु विस्तृत जानकारी दी गई। श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव मिहिर कुमार सिंह, टाटा टेक्नोलॉजी के उपाध्यक्ष सुशील कुमार एवं ग्लोबल एजुकेशन के निदेशक पुष्करराज कॉलगुड ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि बिहार के कुल 60 आई.टी.आई. को इंडस्ट्री 4.0 के लिए प्रशिक्षित मानव बल तैयार करने की योजना बनायी गई है। साथ ही एडवांस टेक्नोलॉजी में मशीन लर्निंग, इन्टरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ग्राफ़िक डिजाईन, रोबोटिक मेनटेनेन्स, इलेक्ट्रिकल इत्यादि के तकनीकों में मशीनें लगाकर इंडस्ट्री के सहयोग से राज्य के 60 आई0टी0आई को उन्नत बनाया जायेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी आई0आई0टी0 संस्थानों में ऑनलाइन ट्रेनिंग के साथ-साथ फिजिकल ट्रेनिंग भी कराएं। जिन आईआईटी भवनों का निर्माण अभी पूर्ण नहीं हुआ है उन्हें जल्द पूर्ण करें और उसमें संस्थान को शिफ्ट करें। जरुरत के मुताबक ट्रेनरों की संख्या भी बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि नई तकनीक को सीखने से छात्रों को काम करने का मौका मिलेगा साथ ही इंडस्ट्री का भी विकास होगा।

आई0टी0आई0 में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्थापित करने को लेकर प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि इंडस्ट्री 4.0 के तहत 60 आई0टी0आई0 के उन्नत बनाने का कार्य मार्च 2022 तक पूरा कर लिया जायेगा। प्रत्येक वर्ष इसमें 15 हजार बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। प्रदेश के युवा अपने कौशल का विकास कर अपने लिए रोजगार और स्वरोजगार, देश और विदेश में असानी से प्राप्त कर सकें। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश के युवाओं को विश्व स्तरीय सुविधा दिए जाने हेतु कौशल विकास केन्द्रों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
बिहार की आई0टी0आई0 पुरानी तकनीक पर आधारित थी और देश में उद्योग के बदलते हुए परिवेश को देखते हुए उनको नए तकनीकों से लैस करना जरुरी है, ताकि बिहार के युवा तकनीकी प्रशिक्षण के बाद सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। योजना के तहत बिहार सरकार के 60 आई0टी0आई0 पर कुल 2188 करोड़ राशि व्यय की जाएगी। जिसमें से 88 प्रतिशत राशि टाटा टेक्नोलॉजी के द्वारा जबकि बिहार सरकार के द्वारा 12 प्रतिशत व्यय किया जाना है। साथ ही प्रत्येक आई0टी0आई0 में 1000 एसक्वायर फिट जगह भी उपलब्ध करायी जायेगा।
प्रत्येक आई0टी0आई0 में 36.48 करोड़ की औसतन व्यय से उन्हें सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (CoE) बनाया जाएगा। इसे हब एंड स्पोक (Hub and Spoke) मॉडल के आधार पर स्थापित किया जाएगा और इन सात क्षेत्रों (i) इलेक्ट्रिक वाहन प्रशिक्षण, (ii) IoT और डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन, (iii) मशीनिंग और विनिर्माण एडवाइजर (iv) आर्क वेल्डिंग के साथ औद्योगिक रोबोटिक्स (v) आईटी और डिजाइन (vi) सभी प्रकार के मरम्मत और रखरखाव और (vii) आधुनिक प्लम्बिंग में कार्य किया जायेगा।
इसके अन्तर्गत सैम्पल जॉब रोल पर ट्रेनिंग भी दी जाएगी – जिसमें (i) इलेक्ट्रिक वाहन प्रशिक्षण के अंतर्गत वाहन सर्विसिंग, बैटरी रखरखाव, मोटर मरम्मत एवं उनकी पूरी देखभाल (ii) आईओटी और डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन के अंतर्गत होम ऑटोमेशन, रिमोट ऑपरेशन (एग्रीकल्चर), मशीन ट्रैकिंग और डायग्नोस्टिक (iii) मशीनिंग और विनिर्माण एडवाइजर के अंतर्गत एडवांस मशीन ऑपरेशन, एडवांस मशीन प्रोग्रामिंग और एडवांस मशीन रखरखाव (iv) आर्क वेल्डिंग के साथ औद्योगिक रोबोटिक्स के अंतर्गत रोबोट इंस्टॉलेशन, फिक्सचर ट्रेनिंग, मटीरियल हैंडलिंग और रोबोट मेंटेनेंस (v) आईटी और डिजाइन के अंतर्गत कैड मसौदा तैयार करना, कैड डिजाइनिंग, उत्पाद मॉडलिंग बनाना और अन्य घटक (vi) सभी प्रकार के मरम्मत और रखरखाव के तहत ऑटो सर्विसिंग और रखरखाव, ऑटो डायग्नोस्टिक, ऑटोमोटिव मरम्मत (vii) आधुनिक प्लम्बिंग के अंतर्गत औद्योगिक प्लम्बिंग, पाइपलाइन रखरखाव और मरम्मत आदि।
इस पूरे प्रोग्राम में टाटा टेक प्रथम चरण में 60 आई0टी0आई0 के साथ प्राइमरी पाटर्नर के रूप में भी कार्य करेगी। जिसको देश के बड़े उद्योगों सहित विश्व की भी नामचीन कंपनियों का सहयोग प्राप्त है। इसलिए प्रोजेक्ट में एक विश्वसनीयता और बृहत अनुभव का समावेश रहेगा। आई0टी0आई0 अपग्रेडेशन के तहत टाटा टेक सभी ग्लोबल औद्योगिक पाटर्नरों को एक साथ लायेगी। प्रोजेक्ट के लिए एक बेसलाईन अध्ययन तैयार करेगी और फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं उपलब्ध औद्योगिक परिवेष के आलोक में प्रचलित उद्योग को मूल्यांकन की आवश्यकता के अनुरूप तैयार करेगी।
अध्ययन पूर्ण होने के पश्चात ले आउट ड्राईंग तैयार किया जाएगा, टाटा टेक सभी आई0टी0आई0 में अपने पयर्वेक्षण में यह कार्य करायेगी तथा विभिन्न मशीनों का इन्स्टालेशन भी किया जाएगा।
टाटा टेक सभी चयनित आई0टी0आई्र0 को ट्रेनर के साथ सहयोग करेगी और नये अपग्रेड टूल्स मशीनरी एवं पाठ्यक्रम बनाने में भी सहायता देगी। टाटा टेक 120 ट्रेनर भी अपने एवं पाटर्नर इंडस्ट्री के साथ मिलकर उपलब्ध करायेगी और नोडल सेन्टर पर 20 प्रशिक्षित प्रशिक्षकों को भी स्थापित करेगी। इनके द्वारा विषय आधारित इंडस्ट्री एक्सपर्ट के माध्यम से नियमित एवं समयबद्ध रूप से पर्यवेक्षण कराया जाएगा। जिन छात्रों को इस कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिया जाएगा, उन्हें रोजगार देने में चयनित पार्टनर इंडस्ट्री के द्वारा प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के प्रथम चरण को सितम्बर, 2021 से आरम्भ किया जाना है, जिसे सितम्बर, 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
बैठक में श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, टाटा टेक्नोलॉजी के उपाध्यक्ष सुशील कुमार, ग्लोबल निदेशक, एजुकेशन पुष्करराज कॉलगुड सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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