पूर्व मध्य रेलवे के संपूर्ण क्रांति और पटना कुर्ला स्पेशल ट्रेनों में लगी नई तकनीकी कोच, दिव्यांगों के लिए है अलग से सुविधा

पूर्व मध्य रेलवे के संपूर्ण क्रांति और पटना कुर्ला स्पेशल ट्रेनों में लगी नई तकनीकी कोच, दिव्यांगों के लिए है अलग से सुविधा

  •  रायबरेली के मॉडर्न कोच फैक्ट्री में नई तकनीकी से एलएसएलआरडी कोच तैयार, मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में बढ़ेंगी 46 अतिरिक्त सीटें
  • इस आधुनिक कोच का गेट होगा बड़ा, दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर सीधा कोच में होगा प्रवेश
  • डीजल जेनरेटर सेट हटने से हेड ऑन जनरेशन से सीधी चलेंगी ट्रेन, इंधन की होगी बचत
  • एलएसएलआरडी कोच का गेट और शौचालय गेट सामान्य कोच की अपेक्षा काफी होगी  चौड़ा
  • इस कोच में दिव्यांग यात्री टॉयलेट तक व्हीलचेयर से जा सकेंगे
  • 40 सीटें सामान्य यात्रियों के लिए और 6 सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए बढ़ जाएगी
  • इस आधुनिक कोच में  एक ही साथ गार्ड दिव्यांग यात्री समान यात्रियों और लगेज रखने की है व्यवस्था
  • शुरुआत में ट्रेन के सबसे पिछले हिस्से में एसएलआर डीजल जनरेटर कोच हटाकर इस आधुनिक कोच को जोड़ा जाएगा

– नीरज/पटना

रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है अब ट्रेनों के कोच में बैठने के लिए यात्रियों की सीटों में इजाफा होगा रेलवे अब नई तकनीकी तैयार करने में जुटी है  फिलहाल भारत के तीन सबसे बड़े रेल फैक्ट्री में कोच को तैयार किया जा रहा है रेल सूत्रों के मुताबिक सर्वप्रथम पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल को दो कोच दिया गया है रेल अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल कोच को लंबी दूरी की ट्रेनों में लगाई जाएगीलगाने की पर विचार है मुख्यालय से निर्देश मिलते ही महत्वपूर्ण ट्रेनों में यह जोड़ा जाएगा इसके बाद समस्तीपुर रेल मंडल भी इस कोच को लाने की तैयारी में जुटी है जैसे-जैसेकोच मिलेगी वैसे वैसे लंबी दूरी की ट्रेनों में कोच लगाई जाएगी वर्तमान में पटना नई दिल्ली संपूर्ण क्रांति और पटना कुर्ला स्पेशल ट्रेन में एक/एक  कोच जोड़े गए हैं

फिलहाल देश के कपूरथला रायबरेली मॉडर्न कोच फैक्ट्री और चेन्नई के इंट्रिग रियल रेल कोच फैक्ट्री में यह आधुनिक डिजाइन से कोच तैयार किया जा रहा है पूर्व मध्य रेलवे में दानापुर रेल मंडल के पास समस्तीपुर रेल मंडल को जल्द ही यह डिजाइन से तैयार कोच उपलब्ध कराया जाएगा कोच की संख्या बढ़ने पर एक ट्रेन में आगे और पीछे 2 कोच लगाए जाएंगे

इस आधुनिक कोच का डिजाइन काफी बेहतर बनाया जा रहा है यात्रियों का प्रवेश गेट का फुट चौड़ा होगा खासकर दिव्यांग यात्रि व्हीलचेयर से सीधा कोच में प्रवेश कर सकेंगे यात्री व्हीलचेयर के माध्यम से अपनी सीट से शौचालय तक जा सकेंगे टॉयलेट द्वार भी काफी चौड़ी होगी ताकि व्हीलचेयर आसानी से प्रवेश कर सके एक ही साथ इस आधुनिक कोच में समान यात्री दिव्यांग यात्री गार्ड और लगेज रखने की व्यवस्था होगी इसके अलावा इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली ट्रेन मैं इसकी सुविधा मिल सकेगी

खासकर इस कोच की खासियत होगी कि यह पूरी तरह एलएचबी होगा आधुनिक डिजाइनर से तैयार दिव्यांगों के लिए सोने और बैठने की सीटें काफी चौड़ी होंगी दिव्यांगों के लिए शौचालय आधुनिक तरीके से तैयार होगा और सेपरेट होगा वही सम्मान यात्रियों के लिए भी इस कोच में शौचालय पूरी तरह से सेपरेट होगा गार्ड के लिए भी शौचालय  चौड़ा और सेपरेट होगा

एलएसएल आर टी कोच कोच की खासियत यह होगी कि इसमें यात्रियों की बैठने की सीटें एसएलआर कोच के अपेक्षा अधिक होगी यह कोच ट्रेनों के आगे और पीछे एसएलआर कोच की जगह लगाए जाएंगे अब तक एसएलआर कोच में दिव्यांग यात्रियों की बैठने की जगह होती है और ब्रेक यान की भी व्यवस्था होती थी एसएलआर में 2 भाग होता है एक में दिव्यांग यात्रियों के लिए 8 से 10 सीटें होती है और दूसरे भाग में सामान्य यात्रियों के लिए 20 सीटें होती हैंअब कोरोना संक्रमण के बाद देश में जो भी ट्रेनें चल रही है उसे स्पेशल के रूप में चलाया जा रहा है जिसमें सभी यात्रियों की सीटें आरक्षित होती है नई तकनीकी से तैयार एलएचबी कोच लगने के बाद इसमें डीजल जनरेटर यानी पावर कार ब्रेक नहीं लगेगा उसकी जगह यात्रियों की सीटों में वृद्धि होगी खासकर इसमें दिव्यांग या तीनों को प्राथमिकता दी जाएगी सभी  कोच एलएचबी होंगे बैठने के सीटों के अलावा ब्रेक यान और लगेज रखने की भी व्यवस्था होगी

समस्तीपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि यह कोच आने से इंजन में इंधन की बचत होगी सीधी ट्रेन विद्युत इंजन से दौड़ेगी लेकिन फिलहाल वैशाली क्लोन हमसफर जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में अगर यह कोच की सुविधा मिलेगी तो सबसे पीछे डीजल जनरेटर कार कोच भी लगाया जोड़ा जाएगा ताकि विद्युत इंजन से दौड़ने वाली ट्रेनों में अगर कुछ तकनीकी खराबी आएगी तो डीजी सेट की मदद ली जा सकेगी

 रायबरेली के मॉडर्न कोच रेल फैक्ट्री में तैयार अब नई तकनीकी से तैयार एल एस एल आर डी कोच ट्रेनों में लगेंगे आप पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेन में 46 यात्रियों की सीटें बढ़ेंगे

एक्सप्रेस ट्रेनों में 46 अतिरिक्त सीटों की वृद्धि होगी इस आधुनिक डिजाइन से तैयार कोच में 46 अतिरिक्त सीटें बढ़ेंगे 40 सीट के समान यात्रियों के लिए होंगे 6 सीटें दिव्यांग यात्री के लिए होंगे जिसमें 4 सीटें दिव्यांग यात्रियों के अटेंडेंट के लिए होंगी इस कोच के लगने से डीजल जनरेटर पावर ब्रेक हटे गा शतप्रतिशत ट्रेन हेड ऑफ ऑन जनरेशन से चलेंगी।

पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि एल एस एल आर टी आधुनिक कोच काफी उच्च श्रेणी के डिजाइन से तैयार किया जा रहा है दानापुर रेल मंडल में फिलहाल दो कोच ही उपलब्ध हुई है से लंबी दूरी की ट्रेनों में जोड़ा जाएगाअभी इस टेक्नोलॉजी का कोच कम तैयार हो रहा है इसलिए एक ट्रेन में एक ही कोच ट्रेन के पिछले हिस्से में जोड़ा जाएगा इस कोच के लगने से 46 अतिरिक्त सीटें बढ़ेंगी आधुनिक डिजाइन से तैयार किया कोच मैं दिव्यांग यात्रियों का व्हीलचेयर आसानी से प्रवेश कर सकेगा यात्री अपनी सीट से शौचालय तक सीधा व्हीलचेयर से जा सकेंगे इस कोच का यात्रियों के लिए प्रवेश गेट और शौचालय का गेट सामान्य कोच की अपेक्षा काफी चौड़ा होगा जैसे जैसे कोच फैक्ट्री में तैयार होगा वैसे वैसे ट्रेनों में जोड़ा जाएगा फिलहाल लंबी दूरी की ट्रेनों मैं इसकी सुविधा दी जाएगी पटना नई दिल्ली संपूर्ण क्रांति और पटना कुर्ला ट्रेनों में आधुनिक कोच सुविधा दी गई है

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