बिहार सरकार का फैसला 15 मई तक शैक्षणिक संस्थान बंद, सरकारी एवं निजी दफ्तरों में 5 बजे तक रहेगी ड्यूटी

बिहार सरकार का फैसला 15 मई तक शैक्षणिक संस्थान बंद, सरकारी एवं निजी दफ्तरों में 5 बजे तक रहेगी ड्यूटी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 से संबंधित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने राज्य में कोविड-19 की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। उन्होंने डेली टेस्ट पजिटिविटी रेट, एक्टिव केसेज, प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर जांच की संख्या, जिलावार एक्टिव केसेज, रिकवरी रेट, कुल जांच, आर0टी0पी0सी0आर0 जांच एवं टीकाकरण के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी। कोविड अस्पतालों में बेडों की उपलब्धता एवं अक्सीजन सिलिंडर आदि के संबंध में जानकारी दी। सभी जिलों के जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों के संबंध में कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति एवं उससे निपटने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों ने भी अपने-अपने जिलों का फीडबैक दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार के लिए जो भी जरुरी कदम उठाने की आवश्यकता है वो उठाएं सरकार इसमें हर संभव मदद करेगी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या पायी जा रही है उन सभी जगहों पर कन्टेन्मेंट जोन बनाकर काम करें। टीकाकरण का कार्य भी तेजी से करें। आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट ससमय मिले जिससे उन्हें अपनी स्थिति का पता चल सके और जो संक्रमित होंगे वे अपना इलाज शुरु करा सकेंगे। अन्य राज्यों से जो बिहार के लोग राज्य वापस आ रहे हैं उनके लिए अनुमंडल स्तर पर कोरेन्टाइन सेंटर में सभी जरुरी सुविधाएं उपलब्ध रखें। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई की उपलब्धता हर हालत में सुनिश्चित कराएं।
बैठक में उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, सभी प्रमंडलीय आयुक्त/सभी जिला पदाधिकारी/सभी पुलिस महानिरीक्षण/सभी पुलिस उप महानिरीक्षक/सभी वरीय पुलिस अधीक्षक एवं चिकित्सा पदाधिकारी जुड़े हुए थे।

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कल राज्यपाल महोदय की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई थी, जिसमें सभी दलों के नेताओं द्वारा भी कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर भी सुझाव आए थे और आज सभी जिलों से फीडबैक प्राप्त हुए हैं। क्राइसिस ग्रुप मैनेजमेंट की बैठक के बाद कई निर्णय लिए गए हैं। आज भी 8690 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। राज्य में कोरोना तेजी से बढ़ रहा है। हमलोगों को पूरी सतर्कता से काम करना है। इसके लिए कई निर्णयों पर सहमति बनी है। कोविड-19 के नियंत्रण एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर 15 मई 2021 तक अतिरिक्त प्रतिबंध एवं कार्रवाई पर सहमति बनी है। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इस अवधि में राज्य सरकार के विद्यालय एवं विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी तरह की परीक्षाएँ भी नहीं ली जाएंगी (बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार तकनीकी चयन आयोग, केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पर यह लागू नहीं होगा)। ऑनलाईन शैक्षणिक कार्यक्रम पूर्ववत् चलते रहेंगे। पिछले आदेश के द्वारा दुकानों को 7.00 बजे संध्या तक बंद करने का आदेश दिया गया था, अब संशोधित करते हुऐ अप0 6.00 बजे बंद रहेंगे। सभी सरकारी / निजी कार्यालय 5.00 बजे बंद हो जाएंगे। गत वर्ष की तरह कैन्टेन्मेंट जोन्स बनाए जाएंगे और कैन्टेन्मेंट जोन्स में सारे प्रावधानित प्रतिबंध लगाए जाएंगे और उनका सख्ती से अनुपालन किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निर्गत किया जाएगा। सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, स्टेडियम, जिम, पार्क एवं उद्यान पूरी तरह बंद रहेंगे। राज्य में रात्रि 9 बजे से प्रातः 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। बस /हवाई/ रेल यात्रियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा। रेस्टोरेंट/ ढावा/भोजनालय में बैठकर खाना प्रतिबंधित रहेगा। होम डिलीवरी एवं टेक अवे सर्विस का संचालन 9 बजे रात्रि तक रहेगा। सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजनों सरकारी एवं निजी पर रोक रहेगी। दफन/ दाह संस्कार कार्यक्रम तथा विवाह एवं श्राद्ध कार्यक्रमों पर यह नहीं लागू रहेगी। दफन / दाह संस्कार कार्यक्रम के लिए अधिकतम 25 तथा शादी एवं श्राद्ध कार्यक्रम के लिए अधिकतम सीमा 100 व्यक्तियों की निर्धारित रहेगी। जिला प्रशासन बाजारों में स्टैगरिंग करेगा ताकि भीड़ नहीं हो। इसके लिए आवश्यकतानुसार क्षेत्रवार / मुहल्लावार दुकानों को खोली जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन भीड़ भाड़ की जगह वाली मंडियों पर भी प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें खुले जगह में स्थानांतरित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करेगी। जिला प्रशासन आवश्यकतानुसार नगर क्षेत्रों एवं प्रखंड मुख्यालयों में दंड प्रक्रिया की धारा-144 का प्रयोग कर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने हेतु नियमानुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं जैसे परिवहन, बैंकिंग, डाक, स्वास्थ्य एवं इससे संबंधित सेवाओं, फायर, पुलिस, एम्बुलेंस आदि पर छूट रहेगी। ई-कॉमर्स की गतिविधियाँ एवं उससे संबंधित प्रतिष्ठान भी इस प्रतिबंध से मुक्त होंगे। अंतर जिला एवं अंतर्राज्यीय सार्वजनिक परिवहनों पर कोई रोक नहीं होगी। निर्माण कार्यों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण दवाएँ यथा रेमडेसिवर, हाई एंटीबॉयोटिक्स एवं अन्य दवाओं की उपलब्धता जिल प्रशासन के द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अनुमंडल अस्पतालों तक गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था एवं ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल निर्धारित किया जाएगा। एम्स / पीएमसीएच/ एनएमसीएच / आईजीआईएमएस के चिकित्सकों द्वारा जिलों के डॉक्टरों का ऑनलाइन ओरियेंटेशन किया जाएगा। आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस की संख्या किराये पर लेकर भी बढ़ाई जाएगी। भविष्य में कोविड केयर सेंटर एवं हेल्थ सेंटर पर बेड की संख्या को बढ़ाना पड़ सकता है। इसिलिए अतिरिक्त भवनों को भी इस हेतु चिन्हित कर लिया जाएगा। सभी आवश्यक दवाओं / मानव बल की उपलब्धता की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित करेगा। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की डेली मॉनिटरिंग होगी। जरूरत पड़ने पर प्रतिदिन ऑक्सीजन / बुखार जाँचने एवं स्थिति गंभीर होने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर / उच्चतर कोविड सेंटर लाने की व्यवस्था की जाएगी। सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का अधिष्ठापन किया जाएगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण से लोगों के बचाव एवं सजग रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने हेतु माईकिंग के द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। लोगों को कोरोना के प्रति सतर्क और सजग करते रहना होगा। लोग मास्क का जरूर प्रयोग करें, अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें। आपस में दूरी बनाकर रहें, हमेशा साबुन से हाथ धोते रहें। लोग सचेत और सजग रहेंगे तो संक्रमण का खतरा कम से कम होगा। जो बाहर से मजदूर आ रहे हैं उनकी स्थिति की भी समीक्षा लगातार की जाए। आवश्यकतानुसार रोजगार उपलब्ध कराने हेतु औद्योगिक कलस्टर योजना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सुविधाएं प्रदान करने हेतु काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग एवं नगर विकास विभाग द्वारा ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में पिछले वर्ष से ज्यादा मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। जितने भी चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी हैं उनको एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। सभी चीजों की प्रतिदिन सघन निगरानी की जाएगी और उसके आधार पर कार्य किए जाएंगे।

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