मुख्यमंत्री की पहल पर बिहार में महिलाओं का बढ़ा कद, हर क्षेत्र में लहरा रही हैं परचम

मुख्यमंत्री की पहल पर बिहार में महिलाओं का बढ़ा कद, हर क्षेत्र में लहरा रही हैं परचम

नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे की ताजा रिपोर्ट में दिखी बिहारी महिलाओं की मजबूती स्कूल जाने वाली बच्चियों से लेकर बैंक-मोबाइल इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी

बिहार हर दिन नई इबारत लिख रहा है। बिहार अपने अतीत के गौरव को लगातार प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। ये मैं नहीं कह रहा बल्कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कराये गए सर्वे में यह बात सामने आयी है कि बिहार में बीते 5 सालों में महिलाओं की स्थिति में सुधार हुई है। वहीं नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे की ताजा रिपोर्ट में दिखी बिहारी महिलाओं की मजबूती स्कूल जाने वाली बच्चियों से लेकर बैंक-मोबाइल इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है। 2019-20 के नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे 5 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार बिहार में अब बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या 26.4 से बढ़कर 79.1 फीसदी हो गई है। बिहार में महिलाओं की साक्षरता की प्रतिशत 57.8 है। इसमें 74.9 फीसदी शहरी महिलाएं साक्षर हैं, जबकि 54.5 फीसदी ग्रामीण महिलाएं साक्षर हैं।

हाईटेक महिलाओं यूज कर रही है मोबाइलः

बिहार में महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। महिलाओं के कहने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी की तो इसका असर समाज में दिखने भी लगा है। महिलाएं अब इतनी एक्टिव मोड में आ गई हैं कि मोबाइल उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या अब 40.9 फीसदी से बढ़कर 51.4 तक हो गई है। जबकि शहरों में रहने वाली 61.8 फीसदी महिलाएं मोबाइल इस्तेमाल कर रही हैं, जबकि यह संख्या ग्रामीण इलाकों में 49.3 फीसदी है। हां, ये बात सही है कि बिहार की सिर्फ 20.6 फीसदी महिलाओं ने ही अब तक इंटरनेट का इस्तेमाल करना शुरु किया है।

बच्चियां स्कूलों तक बड़े पैमाने पर पहुंच रही हैः

बिहार में जहां बच्चियां आर्थिक विपन्नता की वजह से बाहर रह जाती थीं, आज उनके लिए मुख्यमंत्री की योजनाओं ने उनके पढ़ाई के लिए मार्ग खोल दिए। उसी का नतीजा है कि स्कूलों में बच्चियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। पिछले 5 साल में बिहार में 10 साल या उससे अधिक समय तक स्कूल जाने वाली बच्चियों की संख्या बढ़ी है। सर्वे की पिछली रिपोर्ट की बात करें तो वर्ष 2015-16 में आई रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी बच्चियों का प्रतिशत पिछली बार की तुलना में 22.8 से बढ़कर 48 हो गया है।

महिलाएं हुई सशक्तः

बिहार में महिलाएं सशक्त हुई हैं। तभी तो ग्रामीण महिलाओं (55.7) के पास शहरी महिलाओं (53.4) के मुकाबले ज्यादा घर या जमीन हैं। पहले बिहारी महिलाओं के पास जमीन खुद का या किसी रिश्तेदार, साझेदार के साथ जमीन हुआ करता था। लेकिन पिछले सर्वे की बात करें तो उसके अनुसार साढ़े तीन फीसदी घट गई है। 2015-16 में यह 58.8 फीसदी था जो इस बार 55.3 फीसदी हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *