राजगीर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, यह सर्वधर्म की भूमि हैः मुख्यमंत्री

राजगीर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, यह सर्वधर्म की भूमि हैः मुख्यमंत्री

 

नालंदाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राजगीर स्थित पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन के अंतर्गत सौंदर्यीकृत एवं विस्तारित वेणुवन का लोकार्पण किया। वेणुवन स्थित तालाब के मछलियों एवं हंसों को मुख्यमंत्री ने दाना खिलाया। वेणुवन प्रांगण स्थित भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री ने लोगों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। वेणुवन के सौंदर्यीकृत एवं विस्तारितकरण के लिए किए गए उत्कृष्ट योगदान करने हेतु क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक पटना गोपाल सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी नालंदा डॉ.नेशामणि के0 सहित अन्य लोगों को प्रशस्ति पत्र मुख्यमंत्री ने दिया।
पत्रकारों से बातचीत के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमसब लोगों के लिए आज बहुत ही खुशी का दिन है कि कई वर्षों से वेणुवन के विकास एवं विस्तार की योजना लोगों से परामर्श करके बनायी गई। 2600 साल पहले बुद्ध का यह निवास स्थल था और वेणुवन के इसी तालाब में स्नान किया करते थे। राजगीर मगध साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी। भगवान बुद्ध जब यहां आए तो उनके रहने का प्रबंध किया गया। प्रतिवर्ष विभिन्न हिस्सों से बौद्ध धर्मावलंबी यहां आकर भ्रमण करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
वेणुवन का लगभग काम पूरा हो गया है। बच्चे-बच्ची सहित हर वर्ग के लोग यहां आएंगे दृश्य देखेंगे, खाना खाएंगे इसके लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। कुछ साल बाद यहां का दृश्य और अच्छा हो जाएगा। पौधारोपण का भी काम यहां किया जा रहा है, इससे वेणुवन का दृश्य बहुत सुंदर होगा। जितने पर्यटक यहां बौद्ध धर्मावलंबी राजगीर आएंगे उन्हें सुखद अनुभूति होगी। हमें प्रसन्नता है कि वेणुवन का विस्तार किया गया है। इससे नई पीढ़ी के लोगों को पर्यावरण के साथ-साथ इतिहास की भी जानकारी मिलेगी। नई पीढ़ी के लोग यहां आकर जागरुक होंगे।
जू सफारी और नेचर सफारी का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक-डेढ़ माह के अंदर नेचर सफारी का काम पूरा हो जाएगा और जू सफारी का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजगीर काफी अद्भुत जगह है। यहां आने वालों को अच्छी फिलिंग्स होती है।
वर्ष 2009 के दिसंबर माह में हम यहां आकर सात दिन रहकर हर जगह जाकर देखे थे। यहां राज्य सरकार का छोटा हवाई अड्डा भी बनेगा ताकि हेलिकॉप्टर के द्वारा टूरिज्म के लिए भी लोग आ सकें। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का नालंदा विश्वविद्यालय भी है। यह ज्ञान की भूमि है। राजगीर स्थित देश का पहला ग्लास स्काई वॉक का काम भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। यहां आने वाले पर्यटकों के सुरक्षा का पर्याप्त प्रबंध किया जा रहा है। सुबह से शाम तक ही ग्लास स्काई वॉक ब्रिज को देख सकेंगे। प्राकृतिक रुप से यह काफी सुंदर जगह है, यही कारण है कि जू सफारी के बाद यहां नेचर सफारी के निर्माण का निर्णय लिया गया। यहां आने वाले लोग पर्यावरण के प्रति काफी प्रेरित होंगे। राजगीर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, यह सर्वधर्म की भूमि है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक श्रवण कुमार, विधायक कौशल किशोर, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक पटना गोपाल सिंह, जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक धुरत श्याली सहित अन्य गणमान्य लोग एवं पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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