लोहिया चक्र पथ परियोजना पूर्ण होने से पटना को ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

लोहिया चक्र पथ परियोजना पूर्ण होने से पटना को ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को लोहिया चक्र पथ परियोजना का किया निरीक्षण

  • आवागमन की समस्या से निजात दिलाने हेतु सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर एलिवेटेड परियोजना तथा एलिवेटेड यू-टर्न बनाने का निर्देश दिया
  • लोहिया पथ चक्र के निरीक्षण के उपरांत कोतवाली थाना चौक पर एलिवेटेड यू-टर्न बनाने का निर्देश दिया है ताकि वहां पर जाम की समस्या से लोगों को निजात मिल सके
  • वर्ष 2021 के जून माह के अंत तक सर्कुलर रोड जंक्शन की संरचना को पूर्ण कर आवागमन के लिए खोलें

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को लोहिया चक्र पथ परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान लोहिया चक्र पथ परियोजना के अंतर्गत सर्कुलर रोड जंक्शन, पुनाईचक जंक्शन, हड़ताली मोड़ जंक्शन के पास मल्टी जंक्शनल ट्रैफिक व्यवस्था के लिए संरचनात्मक निर्माण कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि इसके अंतर्गत ट्रैफिक सिग्नल फ्री यातायात व्यवस्था की जाएगी। सगुना मोड़ से होते हुए डाक बंगला चौराहा तक रोड पर कहीं भी रेड लाइट प्वाइंट पर रोकने की जरुरत  नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने सर्कुलर रोड जंक्शन पर निर्माणाधीन कार्य के निरीक्षण के दौरान भू-गर्भ जल व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। वर्ष 2021 के जून माह के अंत तक सर्कुलर रोड जंक्शन की संरचना को पूर्ण कर आवागमन के लिए खोलने का निर्देश दिए। पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुनाईचक चौराहा एवं हड़ताली मोड़ पर पूर्व के प्रस्तावित डिजायन में अब तक के अनुभव को ध्यान में रखते हुए, आई0आई0टी0 दिल्ली के परामर्श से हल्का संशोधन किया गया है। इस आधार पर निर्माण कार्य में अब तेजी आएगी और दिसंबर 2021 तक इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि पथ निर्माण विभाग की ओऱ से परियोजना के सतत् अनुश्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत 49 इंट्री एवं एक्जिट हैं। पुनाईचक से राजधानी वाटिका की ओर नीचे से आने-जाने की व्यवस्था रहेगी। इसी प्रकार हड़ताली चौक पर, बोरिंग कैनाल रोड से दारोगा प्रसाद राय पथ तक आने-जाने की व्यवस्था रोड के नीचे से रहेगी और मुख्य पथ का आवागमन ऊपर से रहेगा।

मुख्यमंत्री ने लोहिया पथ चक्र के निरीक्षण के उपरांत कोतवाली थाना चौक पर एलिवेटेड यू-टर्न बनाने का निर्देश दिया है ताकि वहां पर जाम की समस्या से लोगों को निजात मिल सके।

मुख्यमंत्री ने करबिगहिया फ्लाई ओवर परियोजना का भी निरीक्षण किया। पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना चार लेन की होगी, जो करबिगहिया चौक से चिरैंयाटांड फ्लाईओवर के ऊपर से कंकड़बाग फ्लाईओवर में जाकर मिलेगी। इसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इसे जून 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने आवागमन की समस्या से निजात दिलाने हेतु सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर एलिवेटेड परियोजना तथा एलिवेटेड यू-टर्न बनाने का निर्देश दिया है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 10 साल पहले इस पथ चक्र के निर्माण के संबंध में आईआईटी दिल्ली का प्रस्ताव हमलोगों को देखने का मौका मिला था। उसके पश्चात हमलोगों के मन में यह बात आई थी कि यह पूरा का पूरा इलाका ऐसा है कि जहां ट्रैफिक का आना-जाना बढ़ेगा ही। हमलोगों को ऐसा कोई सिस्टम बनाना चाहिए जिसमें कोई भी कहीं किसी तरह से आना-जाना चाहता तो इसके लिए एक अलग से रास्ता हो। इस कॉन्सेप्ट को देखकर हमलोगों को बहुत खुशी हुई था। सबसे पहले देश में बिहार में ही इस कॉन्सेप्ट को एडॉप्ट किया गया और उसी के हिसाब से हमलोगों ने तय किया इसके निर्माण का, जिसका नाम लोहिया पथ चक्र रखा गया। इसमें 49 रास्ते अलग-अलग बने हुए हैं। उसी कॉन्सेप्ट के अनुसार इसका काम शुरु किया गया। पिछले वर्ष काम के दौरान नीचे से पानी निकल गया था, तो उसे ध्यान में रखते हुए समाधान का रास्ता निकाला गया और अब काम तेजी से किए जाएंगे।

रेलवे से जमीन मिल जाने के कारण तय किया गया कि नीचे से ही नेहरु पथ के लिए रास्ता चला जाएगा। बाकि कुछ जगहों पर पानी की बात आयी तो विशेषज्ञों ने इसमें थोड़ा बहुत चेंज किया जिसे आज हम देखने आए हैं। इनलोगों ने आश्वस्त किया है कि ये वाला पोर्सन जून तक हो जाएगा। यहां नीचे का जो पानी है उसको भी यहां से डिस्चार्ज करना पड़ेगा ताकि किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं आए। इसके आगे जो दो-तीन जगहों पर जो और काम होना है उसके लिए उसमें इनलोगों ने थोड़ा संशोधन किया है कि ज्यादा नीचे गहरा नहीं करना पड़े ताकि नीचे के पानी का कोई संकट नहीं आए। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि जल्दी से जल्दी हो और आगे काम जो है उसको अगले वर्ष दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जब ये पूरा होकर फंक्शनल हो जाएगा तो हमने कहा है कि इसके साथ ही इसकी सुरक्षा का भी इंतजाम कीजिए। नीचे का जो भी खाली पोर्सन है उसको भी ऐसा कीजिए कि उसमें लोग अनावश्यक नहीं आ सकें। इसके बन जाने से आवागमन में किसी को कोई कठिनाई नहीं होगी। इस नए कॉन्सेप्ट के पूरा हो जाने से ट्रैफिक भी जाम नहीं होगी। इस पथ चक्र के पूर्ण होने पर इसका अनुकरण अन्य जगहों पर भी किया जा सकता है। इसका इंप्लिमेंट अपने राज्य में भी हो सकता है संभव है कि दूसरे जगह के लोग भी यहां का रिसर्च जो हुआ, प्रोजेक्ट जो था हम ही लोगों ने देखा और हमको बहुत पसंद आया। जब यह पथ चक्र पूरा हो जाएगा तो हमको भरोसा है कि दूसरे राज्य के लोग भी इसको आकर के देखेंगे। वर्ष 2013 में सबकुछ तैयार हो गया था और काम 2015 में शुरु करने की बात आ गई लेकिन पानी का संकट आ गया तो उसके चलते थोड़ा डिलेड हो गया। अब उसका निदान निकाल लिया गया है, यहां के पानी को हम निकालकर आगे ले जाएंगे और बोरिंग कैनाल रोड में पानी को डालेंगे।

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