समाज के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव  किसी भी संगठन में कामयाबी का मूलमंत्र हैः रणबीर नंदन

समाज के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव किसी भी संगठन में कामयाबी का मूलमंत्र हैः रणबीर नंदन

कोलकाता/ पटनाः समाज के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव रखना ही किसी भी संगठन में कामयाबी का मूलमंत्र है। नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा से किसी का भी हृदय परिवर्तन किया जा सकता है और इसी भावना से संगठन आगे बढ़ सकता है। जदयू नेता डॉ.रणबीर नंदन ने आगे यह भी कहा कि जनता दल यूनाइटेड परिवार की राजनीतिक सफलता का भी यही कारण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की प्राथमिकता सेवा ही है। नीतीश कुमार जी की पूरी राजनीति सेवा और सर्वांगीण विकास के दो पहियों पर घूमी है। जनता की बात हमेशा प्राथमिकता में रही है और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए बड़ा फैसला लेने की ताकत भी इसी सेवा भाव से मिली है।
डॉ. नंदन ने आगे कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह जी ने अपना पूरा जीवन जनसेवा में ही बिताया है और लगातार यही सीख हम सभी को देते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनसेवा और विकास कार्यों की लकीर इतनी लंबी खींच दी है कि किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता के लिए उनका राजनीतिक जीवन धर्मग्रंथ के समान हो गया है। मेरी निजी सोच है कि सेवा भाव ही मनुष्य की पहचान बनाती है और उसकी मेहनत चमकाती है। सेवाभाव हमारे लिए आत्मसंतोष का वाहक ही नहीं बनता बल्कि संपर्क में आने वाले लोगों के बीच भी अच्छाई के संदेश को स्वत: उजागर करते हुए समाज को नई दिशा व दशा देने का काम करता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक सभी रूपों में सेवा भाव की अपनी अलग-अलग महत्ता है। बिना सेवा भाव के किसी भी पुनीत कार्य को अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सकता। सेवा भाव के जरिए समाज में व्याप्त कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने के साथ ही आम लोगों को भी उनके सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया जा सकता है। सेवा से बड़ा कोई परोपकार इस विश्व में नहीं है, जिसे मानव सहजता से अपने जीवन में अंगीकार कर सकता है। डॉ.नंदन ने यह भी कहा कि बिना सेवा भाव विकसित किए मनुष्य न राजनीति में सफल हो सकता है और न ही जीवन। जनता दल यूनाइटेड के ट्रेनिंग शिविर में इन बातों पर पूरी तरह से फोकस किया जाना हर इंसान और कार्यकर्ताओं को आत्मसात करने की जरुरत है।

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