सांप्रदायिक एकता का माहौल कायम रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिकाः मुख्यमंत्री

सांप्रदायिक एकता का माहौल कायम रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिकाः मुख्यमंत्री

  • कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ सांप्रदायिक एकता का माहौल कायम करने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
  • समाज में प्रेम-शांति, सद्भाव का माहौल बनाए रखने के साथ-साथ सकारात्मक माहौल बनाए रखने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है।
  • राज्य में न सिर्फ पुलिस बल की संख्या बढ़ी है बल्कि पुलिस के काम की गुणवत्ता में भी पहले से काफी अंतर आया है।
  • बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर मेरी कामना है कि आपके काम की तारीफ हो, पुलिस बल की प्रशंसा हो और आप सभी को कामयाबी मिलती रहे।
  • शराबबंदी मेरा व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, यह लोगों के हित में है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बिहार सैन्य पुलिस-5 के परिसर मिथिलेश स्टेडियम में बिहार पुलिस सप्ताह 2021 द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर आप सभी लोगों को मैं हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम वर्ष 1958 में पहली बार आयोजित की गयी थी। उसके बाद पुनः 1981 में एक बार आयोजित की गयी। वर्ष 2007 से 22 से 27 फरवरी के बीच इसका आयोजन किया जाता है। आपके बीच इस कार्यक्रम के दौरान मुझे भी आने का मौक़ा मिलता है। बिहार पुलिस सप्ताह कार्यक्रम के दौरान कई बातों की जानकारी दी जाती है, लोगों को प्रेरित किया जाता है। बाहर से वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलाकर प्रशिक्षित कराया जाता है। वेब कॉस्टिंग के माध्यम से 10,000 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में शांति व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमलोगों ने पुलिस की सुविधाओं और उनकी जरुरतों को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए हैं। पिछले 15 वर्षों में 50 हजार से अधिक नियुक्तियां पुलिस में की गई हैं। 10 हजार से अधिक नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं। अगर और पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की आवश्यकता है तो उसको भी पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला बटालियन का गठन किया गया। अनुसूचित जनजाति महिलाओं के लिए स्वाभिमान बटालियन का गठन किया गया। हर जिले में महिला थाना की स्थापना की गई है। पुलिस बल में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। अब तक पुलिस बल में 23 प्रतिशत संख्या महिलाओं की हो गई है और अगले 3-4 वर्षों में 30 से 35 प्रतिशत पहुंच जाएगी। शायद ही किसी राज्य में इतनी संख्या में महिला पुलिस बल में होंगी। आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत सभी सरकारी कार्यालयों में महिलाकर्मियों की पर्याप्त संख्या रखने को कहा गया है, जिससे वहां आने वाली महिलाओं का आत्मविश्वास बना रहे और उनकी समस्याओं के निष्पादन में भी सहुलियत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से आज की तुलना में पुलिस के काम में बहुत अंतर आया है। कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ सांप्रदायिक एकता का माहौल कायम करने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्ष 2005 के बाद बिहार का माहौल बदला। कुछ लोग माहौल खराब करना चाहते हैं। बिहार में कानून का राज कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के लिए भी हमलोग लगातार काम कर रहे हैं। वर्ष 2008 में छात्राओं के लिए साइकिल योजना की शुरुआत किए जाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा, लड़कियों के लिए पोशाक योजना की शुरुआत की गई। महिलाओं में आत्मविश्वास का भाव पैदा हुआ। राज्य के सभी सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। नियुक्ति और ट्रेनिंग पर सरकार का विशेष ध्यान है। राजगीर में बेहतर पुलिस एकेडमी का निर्माण कराया गया है। पुलिस भवन और थानों की स्थिति में सुधार किया गया है। सरदार पटेल भवन में पुलिस मुख्यालय को स्थापित किया गया है। जांच में तेजी लाने की कोशिश हो रही है। हर जिलों में चलंत विधि विज्ञान इकाई बनायी जायेगी। हमलोगों की अपेक्षा है कि पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करें। अपराध की ससमय जांच हो और उन्हें दंडित किया जा सके। जिले में एस0पी0 को भी सप्ताह में 03 से 04 दिन घूमना चाहिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डब्लू0एच0ओ0 ने स्वास्थ्य से संबंधित वर्ष 2018 में सर्वे रिपोर्ट जारी किया, जिसमें बताया गया कि एक वर्ष में जितनी मृत्यु होती है उसमें 5.3 प्रतिशत लोगों की मृत्यु शराब सेवन करने के कारण होती है। 20 से 39 आयु वर्ग के 13.5 प्रतिशत युवाओं की मृत्यु शराब की वजह से होती है। शराब पीने से 18 प्रतिशत आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। ड्राइवर के शराब पीने की वजह से 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटनायें होती हैं। 48 प्रतिशत लीवर की गंभीर बीमारी शराब पीने से होती है। 26 प्रतिशत माउथ कैंसर और 26 प्रतिशत पेनक्रियाज की बीमारी शराब पीने से होती है। शराब पीने की वजह से 200 प्रकार की बीमारियां होती हैं। गंभीर बीमारियों से ज्यादा शराब पीने से लोग मरते हैं। शराब मामले में अब बड़ी कार्रवाई हो रही है। शराबबंदी में स्वान और उड़न दस्ते की भी मदद ली जायेगी। धंधेबाजों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, किसी के प्रति कोई समझौता नहीं होगा। अपराधी कोई भी हो बचेंगे नहीं। शराबबंदी लागू रहेगी, कोई ढिलाई नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि जब तक ये धरती है तब तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार जीवित रहेंगे। अप्रैल 2016 से जनवरी 2021 तक शराबबंदी से संबंधित 02 लाख 55 हजार 111 मामले दर्ज किये गये हैं। लगभग 51.7 लाख लीटर देसी शराब और 94.9 लाख लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। 03 लाख 39 हजार 401 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई। 470 अभियुक्तों को न्यायालय से सजा मिली। सीमावर्ती और नेपाल के इलाकों से 5401 शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया। महत्वपूर्ण कांडों के अनुसंधान के क्रम में राज्य के बाहर से संलिप्त धंधेबाजों एवं शराब माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई। मद्य निषेध इकाई द्वारा असम, पंजाब और हरियाणा जाकर बड़े कारोबारियों को गिरफ्तार की गई। शराब से जुड़े मामलों में 37 हजार 484 गाड़ियां जब्त की गई। 3 हजार 482 गाड़ियां नीलाम की गईं हैं। अगर कोई शराबबंदी की मुहीम में पुलिस हो या उत्पाद विभाग के कर्मी हो उनके द्वारा स्थिलता बरती गई ,उनमे 619  कर्मी और पदाधिकारीयो पर विभागीय कार्रवाई, 348  पर प्राथमिकी दर्ज , 186  लोगों को बर्खास्त तथा 7  पुलिस पदाधिकारियों को थानाध्यक्ष के पद से वंचित किया गया। शराबबंदी मेरा व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, यह लोगों के हित में है। गांधी जी ने कहा था कि पृथ्वी लोगों की जरूरत को पूरा कर सकती है, लालच को नहीं। पर्यावरण संरक्षण के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया जा रहा है। बापू ने सात सामाजिक पापों की चर्चा की है जिसके बारे में आपलोग भी लोगों को बताइये। उन्होंने सिद्धांत के बिना राजनीति, काम के बिना धन की प्राप्ति, विवेक के बिना सुख, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान और त्याग के बिना पूजा को सात सामाजिक पाप बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में प्रेम-शांति, सद्भाव का माहौल बनाए रखने के साथ-साथ सकारात्मक माहौल बनाए रखने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। कोई भी अपराध की घटना घटने पर तत्काल जांच होती है और दोषियों को सजा दिलाई जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में न सिर्फ पुलिस बल की संख्या बढ़ी है बल्कि पुलिस के काम की गुणवत्ता में भी पहले से काफी अंतर आया है। बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर मेरी कामना है कि आपके काम की तारीफ हो, पुलिस बल की प्रशंसा हो और आप सभी को कामयाबी मिलती रहे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्वागत पुलिस महानिदेशक एस0के0सिंघल ने पुष्पगुच्छ और स्मृतिचिन्ह भेंटकर किया। मुख्यमंत्री ने परेड का किया निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री ने वीरता के लिए मुजफ्फरपुर की रानी कुमारी, जमुई की अर्पिता, जमुई के मो. मुतुर्रहमान, सारण के अपूर्व अमितेश, दरभंगा के संतोष कुमार महतो तथा सुधीर कुमार और जमुई के गौरव सिंह राठौर को नागरिक प्रशस्ति पत्र और चेक देकर सम्मानित किया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य के लिए सीआईडी एडीजी विनय कुमार, एडीजी स्पेशल ब्रांच जितेंद्र गंगवार सहित सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक प्रतिभा सिन्हा, सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक राकेश कुमार, सेवानिवृत पुलिस उपाधीक्षक सैयद रफतकमाल को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक एस0के0सिंघल,  अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग सह मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन अमीर सुब्हानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, महानिदेशक ,बी0एम0पी0 राजवेंद्र सिंह भट्टी, प्रशिक्षण एवं अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ,बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड आलोक राज, गृह रक्षावाहिनी एवं अग्निशमन सेवाओं की महानिदेशक शोभा अहोतकर, पूर्व डीजीपी रामचंद्र खान, पूर्व डीजीपी डीपी ओझा, पूर्व डीजीपी के एस द्विवेदी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी गोपाल सिंह सहित वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित थे।

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