कभी नीतीश के विरोधी रहे उपेंद्र, अब नीतीश के नेतृत्व में करेंगे राजनीति

कभी नीतीश के विरोधी रहे उपेंद्र, अब नीतीश के नेतृत्व में करेंगे राजनीति

“जॉर्ज साहब के नेतृत्व में 1994 में पार्टी बनी तो आगे चलकर जनता दल बना। देश में काम किया। हम जो काम कर रहे हैं समाज में एकजुट करने का काम कर रहे हैं। चंद लोग तो गड़बड़ करते हैं। इतिहास उठाकर देख लीजिए कुछ लोग गड़बड़ करते हैं। आप आमतौर पर देखिए कि 90 प्रतिशत लोग अच्छे से चल रहे हैं। भाईचारगी के साथ है। हमलोग राजनीति करते हैं इसका मतलब व्यापक अर्थ है, समाज के प्रति अच्छी भावना, एकजुट करने की भावना होनी चाहिए।”


“नीतीश कुमार को सत्ता से बेदखल करने के लिए लगातार कोशिश करते रहने वाले रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा अब नीतीश कुमार के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है। इनके साथ आने के साथ ही कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार की राजनीति से ऊपर देश की राजनीति के नेतृत्व को बल मिलेगा।”
रालोसपा-जदयू विलय समारोह में बोले नीतीश कुमार खुशी की बात है जो पिछले कई दिनों से बात चल रही थी। भाई उपेंद्र जी, चुनाव के बाद बातें होती रही। वशिष्ठ भाई से सबसे ज्यादा बातचीत होती रही है। उपेंद्र कुशवाहा जी ने बड़ी पार्टी बनाया इनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हैं। मुझे तो बहुत खुशी हुई। जब पार्टी के कई नेताओं के साथ बातचीत भी होती रहती थी। उपेंद्र जी अपनी पार्टी को जदयू के साथ जोड़ ले और साथ चलें तो बहुत अच्छा होगा। शुरु में ही हमने कहा था कि अपनी पार्टी में सभी से बात कर लीजिए तब निर्णय लीजिए। उसके बाद ही रालोसपा का विलय जदयू में होगा। पहले भी एक थे और आगे भी एक रहेंगे, मिलकर विकास करेंगे। सभी साथियों को मेहनत करना चाहिए। सोशल मीडिया पर अनाप शनाप प्रचार करते हैं, लेकिन हम अपने साथियों और सभाओं में कहते हैं कि गलत जो है उसका जवाब दीजिए, सकारात्मक चीजों का भी प्रचार प्रसार होना चाहिए। हमलोग पहले काम करते थे, सबलोगों तक जानकारी पहुंच जाती थी, आज तो गुमराह किया जा रहा है। सच्चाई को आम लोगों तक पहुंचाईये। लोग कह रहे थे कि उपेंद्र जी अकेले हैं देख लीजिए कितने लोगों के साथ आए हैं। जो जिस प्रकार से अच्छा लगे करते रहिए एतराज नहीं है। सेवा करना है तो समाज में प्रेम का भाईचारे का काम करते हैं। सबको मिलाकर चलना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *