जदयू राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष बनाए गए उपेंद्र कुशवाहा

जदयू राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष बनाए गए उपेंद्र कुशवाहा


पटनाः रालोसपा-जदयू विलय के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अब तो उपेंद्र जी और सबलोग साथ आ गए, मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कुछ ख्वाहिश नहीं है। तो हमलोग भी सोचेंगे ने कि आपकी प्रतिष्ठा, आपकी हैसियत का ख्याल रखेंगे। आज ही उसको भी जारी करेंगे। आरसीपी सिंह ने पत्र भेज दिया है, अभी से तत्काल प्रभाव से आप जनता दल यू के राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष रहेंगे। न सिर्फ सम्मान बल्कि काम कि जिम्मेदारी भी होगी पार्टी के वरिष्ठ नेता के तौर पर काम करेंगे। हम सेवा करते हैं, जब मौका मिला है तो सेवा करना ही हमारा धर्म है। लेकिन पार्टी के लोगों को मिलकर सामान्य रुप से नियमित काम होता रहेगा। पार्टी की मजबूती होगी, समाज के हर तबके की मजबूती होगी। हमारा मकसद है बिहार को विकसित राज्य बनाएंगे। बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, बिजली, पानी की समस्या को दूर कर रहे हैं। सामाजिक रुप से सभी को जागृत करते रहते हैं।
2016 में शराबबंदी पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। महिलाओं की मांग पर यह निर्णय लिया। सबको जागृत रहने की जरुरत है। बयान जो आप दे रहे हैं तो जो नंबर दिया गया है उस नंबर पर बताएं आपका नाम नहीं बताया जाएगा। एक से दो घंटे के अंदर कार्रवाई होगी। कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सामाजिक सद्भाव का मामला है इसको लेकर कॉन्शस रहते हैं कि काम हो रहा है कि नहीं। कुछ लोग तो गड़बड़ी करते ही रहेंगे। लोगों के बीच जागृति करने की कोशिश करनी चाहिए। सबलोग जुट रहे हैं तो लोगों को जागरुक करना है, जो गड़बड़ करता है सूचित करें कार्रवाई होगी।
2016 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने सर्वे कराया था, विश्वभर में शराब के कारण एक साल में 30 लाख लोगों की मृत्यु हुई। कुल मृत्यु का 5.3 प्रतिशत है। अगर 20 से 39 साल तक मृत्यु होती है जो शराब पीते हैं उनकी मृत्यु होती है उनकी संख्या 13.9 प्रतिशत है। आत्महत्या का मामला जो होता है उसमें 18 प्रतिशत शराब पीने से होती है। सड़क दुर्घटनाएं 27 प्रतिशत शराब पीने के कारण होती है।
शराबबंदी के कारण बहुत पढ़े लिखे लोग भी मेरे खिलाफ हैं। हम साथ बैठे हैं सबको आपस में बातचीत करना चाहिए। बापू ने सात सामाजिक पाप बताया है। स्कूल, सरकारी दफ्तरों में लिखवाया-
“सिद्धांत के बिना राजनीति, काम के बिना धन, विवेक के बिना सुख, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान, त्याग के बिना पूजा। सभी से यही कहेंगे कि लोगों के बीच प्रसार कीजिए। बापू ने पर्यावरण के लिए कहा है कि ये धरती जरुरत को पूरा करेगा, लालच को नहीं। पर्यावरण के संरक्षण के लिए 2012 से वृक्षारोपण शुरु किया। 2019 से जल-जीवन-हरियाली हम लोगों ने शुरु किया।”
शराबबंदी, पर्यावरण, कम उम्र के बच्चे-बच्चियों की शादी के खिलाफ वातावरण जो बनाया है लोगों के बीच कहना चाहिए। सोशल मीडिया पर अच्छी बातों को भी लोगों के बीच रखना चाहिए। अगर नई पीढ़ी के बीच जो बापू ने कहा है नई पीढ़ी तत्पर रहेगी तो समाज बहुत आगे चला जाएगा, आगे बढ़ जाएगा। उपेंद्र जी से यही बात कहूंगा, समाज, बिहार, देश को मिलकर आगे बढ़ाएंगे।

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