जल का दुरुपयोग न हो, इससे पर्यावरण को भी नुकसान हैः मुख्यमंत्री

जल का दुरुपयोग न हो, इससे पर्यावरण को भी नुकसान हैः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना एवं शहरी पेयजल निश्चय योजना की हुई समीक्षा

• इस बात पर विशेष ध्यान दें, कि जल का दुरुपयोग न हो, इससे पर्यावरण को भी नुकसान है।
• जलापूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जो समेकित कॉल सेंटर बनाया गया है उसमें शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो।
• वार्ड में पेयजल योजना के सुचारु संचालन के लिए जिस अनुरक्षक की व्यवस्था की गई है, उसको प्रोत्साहन राशि एवं मानदेय का भुगतान की व्यवस्था रखें।

पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना एवं शहरी पेयजल निश्चय योजना की समीक्षा हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना अनुरक्षण एवं रख रखाव की प्रस्तावित नीति तथा शहरी पेयजल निश्चय योजना अंतर्गत क्रियान्वित पाईप जल आपूर्ति योजनाओं की अनुरक्षण नीति से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया गया।
पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने जलापूर्ति योजनाओं के रख रखाव एवं अनुरक्षण नीति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालीन के रख रखाव नीति के अवयवों यथा दैनिक सामान्य रख रखाव, लघु मरम्मती, वृहद मरम्मती, उपभोक्ता शुल्क प्रबंधन, शिकायत निवारण व्यवस्था, शिकायत निवारण समय सीमा, हितधारकों का दायित्व निर्धारण एवं वित्तीय प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव ने अपने प्रस्तुतीकरण में जलापूर्ति योजना संचालन एवं अनुरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।


नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने अपने प्रस्तुतीकरण में पाईप जलापूर्ति योजना के संचालन एवं अनुश्रवण व्यवस्था, संचालन एवं रख रखाव की गतिविधियां, मासिक अधिभार की संग्रहण व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के दौरान जानकारी दी गई कि जलापूर्ति योजना से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए एक समेकित कॉल सेंटर बनाया गया है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बात पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरुरत है, कि जल का दुरुपयोग न हो। इससे पर्यावरण को भी नुकसान है। जलापूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जो समेकित कॉल सेंटर बनाया गया है उसमें शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो। शिकायतों का ठीक ढंग से तीनों विभागों के द्वारा मॉनिटरिंग हो। वार्ड में पेयजल योजना के सुचारु संचालन के लिए जिस अनुरक्षक की व्यवस्था की गई है, उसको प्रोत्साहन राशि एवं मानदेय का भुगतान की व्यवस्था रखें।

बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह तथा अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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