भाजपा नेता प्रो नवल किशोर यादव ने किया नामांकन, 24 वर्षों से शिक्षकों के सेवक तोड़ेंगे अपना ही रिकॉर्ड

भाजपा नेता प्रो नवल किशोर यादव ने किया नामांकन, 24 वर्षों से शिक्षकों के सेवक तोड़ेंगे अपना ही रिकॉर्ड

  
* पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रो. नवल किशोर यादव लगातार 4 बार से चुनाव जीतते आ रहे हैं 

* शिक्षक हक में अपनी सरकार के खिलाफ भी उठाते हैं आवाज़ 

* अपने ही रिकॉर्ड को ब्रेक करते हैं नवल किशोर यादव

* शिक्षकों की शौच मुक्ति अभियान ड्यूटी का किया था विरोध

* नियोजित, वित्तरहित शिक्षकों, संस्कृत, मदरसा शिक्षकों के हक और वेतन के लिए उतरे सड़क पर

पटना:   बिहार विधान परिषद चुनाव 22 अक्टूबर को होना है। इसको लेकर शिक्षकों के हक और हकूक की लड़ाई लड़ने वाले, उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले प्रो नवल किशोर यादव ने विप की पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर जिस पर सबकी नजर रहती है के लिए पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर नवल किशोर यादव एक बार फिर से आज नामांकन पत्र दाखिल किया। वे निर्वाचन पदाधिकारी सह पटना आयुक्त के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया है। 22 को वोटिंग, 12 नवम्बर को होगी गिनती
बिहार विप की 4 शिक्षक और 4 स्नातक सीटों के लिए नामांकन शुरू है। 5 अक्टूबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे जबकि, 6 अक्टूबर को नामांकन पत्र की जांच होगी। जबकि 8 अक्टूबर तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकते हैं। परिषद की 8 सीटों पर 22 अक्तूबर को वोटिंग होगी। वोटिंग की गिनती विधान सभा चुनाव के नतीजों के आने के दो दिन बाद यानि 12 नवंबर को होगी।

राजनीति को सेवा मानते हैं नवल किशोर यादव
राजनीति को सेवा मानकर शिक्षकों के लिए आवाज़ उठाने वाले प्रो नवल किशोर यादव पिछले 24 वर्षों से पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का नेतृत्व करते आ रहे हैं। इस बार  प्रो. नवल किशोर यादव 5 वीं बार अपनी सीट पर फिर काबिज होंगे। क्योंकि इनकी कार्यशैली ही इन्हें शिक्षकों के बीच लोकप्रिय बनाता है। प्रो यादव सदन हो या सदन के बाहर शिक्षकों के लिए  सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हर समय सदन में वे सरकार को घेरने से बाज नहीं आते हैं। 
शिक्षकों की शौच मुक्ति अभियान ड्यूटी का किया था विरोध
सरकार गांवों में खुले में शौच से मुक्ति दिलाने को लेकर दो साल पहले अभियान चला रही थी। इस अभियान में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का फऱमान जारी हुआ। सुबह-सुबह गांव के बाहर खुले में शौच करने वालों का फोटो खीचने की जिम्मेदारी दी गई थी। शिक्षकों ने इस आदेश को तुगलकी बताते हुए विरोध किया। भाजपा के विधान पार्षद ने इस आदेश को पूरे तौर पर शिक्षकों की प्रतिष्ठा का हनन बताया और इज्जत से खिलवाड़ करने वाला फरमान बताते हुए सरकार के खिलाफ खड़े हो गये। सरकार के खिलाफ बगावत कर दिया और कहा कि राज्य सरकार के अधिकारी शिक्षकों की इज्जत का मान-मर्दन कर रहे हैं। यह आदेश को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं नहीं किया जा सकता है। 
अपने ही रिकॉर्ड को ब्रेक करते हैं नवल किशोर यादव
जिस उम्र में लोग राजनीति करने की सोचते हैं वहीं नवल किशोर यादव ने 24 वर्षों का सदन में सफर तय किया है। पहली बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद बने प्रो. नवल किशोर यादव ने लगातार चार बार लगातार जीत दर्ज कराया है। नियोजित, वित्तरहित शिक्षकों, संस्कृत या मदरसा शिक्षकों के हक और वेतन की लड़ाई पुरजोर तरीके से सड़क से लेकर सदन तक लड़ने की वजह से प्रो यादव सबके चहेते बने हुए हैं। 

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