महिला पुलिसकर्मियों का राष्ट्रीय औसत 10.30% है, वहीं बिहार में 25.30%

महिला पुलिसकर्मियों का राष्ट्रीय औसत 10.30% है, वहीं बिहार में 25.30%


पटनाः बिहार में महिला सशक्तिकरण का काम लगातार किया जा रहा है। उसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की दिसंबर 2020 को जारी रिपोर्ट के अनुसार बिहार में महिला पुलिसकर्मियों का औसत अन्य राज्यों वनिस्पत बेहतर पाया गया है। नीतीश सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जाने वाले योजनाएं अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत का काम कर रही है।
इस परिणाम पूर्व मंत्री सह बिहार विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने महागठबंधन नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि ये परिणाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली का नतीजा है। उन्होंने कहा है कि आज बिहार सामाजिक मौन परिवर्तन का वाहक बन गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमाार ने छात्राओं के शैक्षणिक उत्थान के लिए जिस तरह विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि देने की योजनाएं चलायी उसी का परिणाम है कि आज बिहार में महिलाओं का निरंतर विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के कानून के राज की बदौलत ही संभव हो पाया कि गांव-देहात में भी बेटियां निर्भिकता के साथ साइकिल चलाकर विद्यालय जाने लगीं और शिक्षा प्राप्त कर नौकरियां लेने लगीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस तरह समाज सुधार का एजेंडा बाल विवाह पर जागरूकता अभियान चलाया, उससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला। शिक्षा एवं नौकरियों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित हुई।
बिहार में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35% सीटें आरक्षित हैं। वहीं आज देश भर के पुलिस बल में राज्य में महिला पुलिसकर्मियों की सर्वाधिक भागीदारी के साथ बिहार देश में नजीर बन गया है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की दिसंबर 2020 को जारी रिपोर्ट के अनुसार महिला पुलिसकर्मियों का राष्ट्रीय औसत जहां मात्र 10.30% है, वहीं बिहार में 25.30% है।

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