शराब पीने वाले और शराब के धंधेबाज कोई बच नहीं पाएः मुख्यमंत्री

शराब पीने वाले और शराब के धंधेबाज कोई बच नहीं पाएः मुख्यमंत्री

ऽ शराब पीने वालों को पकड़ने के साथ-साथ शराब पिलाने वाले धंधेबाजों पर नकेल कसें। शराब के धंधे में लिप्त कोई भी व्यक्ति बच नहीं पाए।
ऽ मुख्यालय स्तर से लगातार इसकी समीक्षा करते रहें। प्रतिदिन जमीनी स्तर पर की जा रही कार्रवाई की रिपोर्ट लें।
ऽ शराब के सेवन से होने वाले हर प्रकार के नुकसान के बारे में लोगों को सोशल मीडिया एवं अन्य प्रचार तंत्रों के माध्यम से सचेत और जागरुक करें।
ऽ कॉल सेंटर को ठीक ढंग से फंक्शनल रखें और शिकायत मिलने पर सख्त और त्वरित कार्रवाई करें।
ऽ कोरोना संक्रमण के प्रति भी लोगों को सतर्क और सचेत रहने की जरुरत है।

पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पुलिस महानिदेशक एस0के0 सिंघल ने अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि सभी जिलों से शराब की रिकवरी की जा रही है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसको लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बड़े-बड़े शराब के गोडाउन भी पकड़े जा रहे हैं। शराब के धंधे से जुड़े लोगों और राज्य के बाहर के भी बड़े शराब कारोबारियों, जो यहां शराब की अवैध सप्लाई करते हैं उन्हें भी गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब पीने वालों को पकड़ने के साथ-साथ शराब पिलाने वाले धंधेबाजों पर नकेल कसें। शराब के धंधे में लिप्त कोई भी व्यक्ति बच नहीं पाए। जो शराब माफिया पकड़ाकर जेल जाते हैं और उसके बाद जेल से बाहर आते हैं उनकी हर गतिविधि पर नजर बनाए रखें। शराब पीना बुरी चीज है इसे लोगों के बीच प्रचारित करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2018 में रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें विश्व भर में शराब पीने से होने वाले नुकसान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि शराब पीने के कारण दुर्घटनाएं, आत्महत्याएं एवं कई अन्य प्रकार की बीमारियां होती हैं। शराब के सेवन से हर तरह से क्षति होती है। इन सब चीजों के बारे में लोगों को सोशल मीडिया एवं अन्य प्रचार तंत्रों के माध्यम से सचेत और जागरुक करें। सोशल मीडिया के माध्यम से शराब माफियाओं की गिरफ्तारी एवं उन पर कि जाने वाली कार्रवाई के संबंध में लोगों को जानकारी दें। उन्होंने कहा कि नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी पदाधिकारियों को तत्पर रहकर काम करने की जरुरत है, सभी डेडिकेटेड होकर निरंतर अभियान चलाते रहें ताकि कोई बच नहीं पाये। मुख्यालय स्तर से लगातार इसकी समीक्षा करते रहें। प्रतिदिन जमीनी स्तर पर की जा रही कार्रवाई की रिपोर्ट लें। देशी शराब के धंधेबाजों के खिलाफ भी छापेमारी कर, कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब के धंधे और शराब पीने वाले लोगों की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने के लिए बिजली के खंभों पर फोन नंबर अंकित किए गए हैं। उस नंबर पर सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाता है और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने निर्देश दिया कि कॉल सेंटर को ठीक ढंग से फंक्शनल रखें और शिकायत मिलने पर सख्त और त्वरित कार्रवाई करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। बड़े-बड़े शहरों में शराब की होम डीलिवरी की भी खबरें आ रही हैं, इस चेन को तोड़ें। जिलास्तर पर बड़े-बड़े एक्यूज्ड को चिन्हित कर पुलिस अधीक्षक उस पर विशेष नजर रखें और तेजी से कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के प्रति भी लोगों को सतर्क और सचेत रहने की जरुरत है।
बैठक में पुलिस महानिदेशक एस0के0 सिंघल, अपर मुख्य सचिव, गृह-सह-मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मद्य निषेध सह उत्पाद आयुक्त बी0 कार्तिकेय धनजी, आई0जी0 मद्य निषेध अमृत राज सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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