बिहार की हस्तकला और शिल्प को डिजिटल प्लेटफार्म से नया आयाम मिलेगा : रेणु देवी

बिहार की हस्तकला और शिल्प को डिजिटल प्लेटफार्म से नया आयाम मिलेगा : रेणु देवी

विकास भवन स्थित उद्योग विभाग के सभागार में उपेंद्र महारथी शोध अनुसंधान संस्थान के वार्षिक कैलेंडर, त्रैमासिक पत्रिका उद्योग संवाद और संस्थान के वेबसाइट के साथ-साथ ई-कॉमर्स पोर्टल का लोकार्पण समारोह

पटना: आज बिहार के लिए बड़ा सौभाग्य का दिन है जब हम बिहार की माटी की पहचान कायम रखने वाले कलाकारों और उनके उत्थान के लिए कार्यरत उपेंद्र महारथी शिल्प संस्थान के प्रयासों को नया मंच मिला है। संस्थान ने आज बिहार की कला और शिल्प को ई-कॉमर्स से जोड़ा है जिससे पूरे बिहार की पहचान को एक नया आयाम मिलेगा क्योंकि आज लोग डिजिटल माध्यमों से ज्यादा जुड़े हैं और जब वहां बिहार की कला और शिल्प को देखेंगे तो उसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होगा। आज डिजिटल माध्यम समय की जरूरत हो गई है। हमारी संस्कृति, हमारी कला हमारी विविधता है जिसे उचित माध्यम नहीं मिलने से कहीं न कहीं वह पीछे थी। आज हमारी इस पहचान और ताकतवर कला-शिल्प को एक नया माध्यम मिला है। यह बातें बिहार की उपमुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री रेणु देवी ने मंगलवार को विकास भवन स्थिति उद्योग विभाग के सभागार में हुए कार्यक्रम में कहीं।
कार्यक्रम की शुरूआत उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, उद्योग विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल, अपर सचिव प्रदीप कुमार निदेशक पंकज कुमार सिंह और पद्मश्री श्याम शर्मा ने दीप प्रज्जवलन कर किया। आगंतुक अतिथियों का स्वागत उपेंद्र महारथी शोध अनुसंधान संस्थान के निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने सिक्की आर्ट से बने पुष्पगुच्छ देकर किया। नेशनल अवार्डी विभा दास, फिरदौस कौसर, स्टेट अवार्डी एप्लिक कसीदा ने उपमुख्यमंत्री को शॉल भेंट किया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने उपेंद्र महारथी शोध अनुसंधान संस्थान के वार्षिक कैलेंडर, त्रैमासिक पत्रिका उद्योग संवाद और संस्थान के वेबसाइट के साथ-साथ ई-कॉमर्स पोर्टल का लोकार्पण किया।  
उपमुख्यमंत्री ने बिहार के उपस्थित कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप अपनी कला को तैयार करने में जिस मनयोग और भावनाओं का प्रयोग करते हैं वह उसे जीवंत कर देता है। हम कला के माध्यम से अपनी भावनाएं और अपनी आत्मा को पिरोते हैं। ऐसे में इसके पर्याप्त प्रचार-प्रसार से हम बिहार के बाहर और दुनिया के कोने-कोने में इसे उचित तरीके से उभार पाएंगे। बिहार की कला काफी समृद्ध है और इसमें हमारी आत्मा बसती है। उपमुख्यमंत्री ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि हम जब अपनी कला में मन-वचन-कर्म से जुड़ते हैं तो वह काफी आगे बढ़ जाता है और बिहार के कलाकार ऐसा कर रहे हैं। हम सबको इसे आगे बढ़ाने के लिए साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। उपेंद्र महारथी संस्थान इस दिशा में काफी बेहतर काम कर रहा है और उम्मीद है कि इन नए प्रयासों से कला और शिल्प को नई ऊंचाई मिलेगी।
इस मौके पर उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि बिहार का हस्तशिल्प काफी प्राचीन है। किसी भी समाज और प्रदेश की पहचान उसकी संस्कृति से होती है और संस्कृति की मुख्य विधा होती है लोककलाएं, लोकनृत्य आदि। हमारी संस्कृति को हम यदि प्रोत्साहित नहीं करेंगे तो हम उसे भूल जाएंगे। बिहार सरकार की हमेशा से यही कोशिश रही है हमारी लोककलाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो। इसी क्रम में आज जिन नई वेबसाइटों का लोकार्पण उपमुख्यमंत्री के हाथों हुआ है उसके माध्यम से बिहार की कला व हस्तशिल्प को नए बाजार मिलेंगे और वह नई ऊंचाईयों को छुऐगी। इन साइटों के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सीधे हस्तशिल्प के उत्पादों को खरीद सकेगा। इसके साथ ही इसके प्रचार के लिए कलाकार और शिल्पकार अपने शिल्प के निर्माण के छोटे-छोटे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यमों मसलन-फेसबुक, यूट्यूब आदि पर डालें ताकि लोग देखकर सीखें और उनमें इन लोक कलाओं के प्रति रूचि जागृत हो। तभी सही मायनों में हम इसका प्रचार-प्रसार कर सकेंगे।
उद्योग विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल ने इस मौके पर सभी को बधाई देते हुए उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के इन प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में मौजूद प्रख्यात चित्रकार और पद्मश्री श्याम शर्मा ने कहा कि बिहार के हस्तशिल्प को उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान ने काफी आगे बढ़ाने का काम किया है और लगातार कर रहा है। आज संस्थान बिहार की पहचान के रूप में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सुशोभित हो रहा है।
कार्यक्रम के अंत में उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने आगंतुक अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग से बिहार की कला और शिल्प नित नई ऊंचाईयों को छू रहा है और संस्थान अपनी जिम्मेदारियों को आगे बढ़कर निभा रहा है। उन्होंने सभागार में मौजूद सभी कलाकारों, उद्योग विभाग के अधिकारियों का भी आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उद्योग विभाग के निदेशक पंकज कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार, उपेंद्र महारथी शोध अनुसंधान संस्थान के तमाम शिक्षकगण, कर्मचारी, राजकुमार लाल, मनोज कुमार बच्चन समेत उद्योग विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी तथा राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार मौजूद थे। 

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