महिलाओं को सशक्त बनाना और मानवता में नया रंग भरना मेरी प्राथमिकताः शालिनी श्रीवास्तव

महिलाओं को सशक्त बनाना और मानवता में नया रंग भरना मेरी प्राथमिकताः शालिनी श्रीवास्तव


वेदों के अनुसार नारी को समाज में ऊंचा स्थान तो दिया ही गया है साथ ही जननी भी कहा गया है ।वह संतान पैदा नहीं करती बल्कि उसका निर्माण भी करती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा कि “एक राष्ट्र हमेशा ही अपने यहाँ की महिलाओं से सशक्त बनता है और यही नारी माँ, बहन और पत्नी की भूमिकाओं में अपने नागरिकों का पालन पोषण करती है तब जाकर सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।
आज महिला इतनी काबिल है की पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं। हर वो काम कर सकती हैं जो पुरुष करते हैं। आज मैं जिस महिला के बारे में लिख रहा हूँ वो किसी परिचय की मोहताज नहीं है।वो खुद आपने कार्य करने की क्षमता से जानी जाती है। आज हर एक महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गयी हैं ।


हम बात कर रहे हैं बिहार की बेटी शालिनी श्रीवास्तव की, जो एक इंस्टा मॉडल,उद्यमी हैं। वह ताइक्वांडो इंटरनेशनल ब्लैक बेल्ट 3/22 गोल्ड मेडलिस्ट हैं। वह अपना व्यवसाय ऑनलाइन चलाती हैं और अपना यूट्यूब चैनल भी चलाती है।
इनका जन्म हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म की प्रसिद्ध नगरी बिहार के पटना में हुआ था। शालिनी जी की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा अशोक सम्राट की तपोभूमि पटना के पटना विमेंस कॉलेज और स्नातकोत्तर की शिक्षा हुई। कहते हैं “बाढ़े पूत पिता के धर्मे, खेती उपजै अपना कर्मे”, उसी तरह से बचपन में ही इनके माता-पिता ने इन्हें और इनके भाई – बहनों को पढाई के साथ साथ खेल कूद में रूचि और अपनी ताइक्वांडो को देखते हुये उनके पिता स्व. प्रेम कुमार श्रीवास्तव ने उनके परिवार के लोगों ने साथ दिया था। मात्र सोलह वर्ष की उम्र में ताइक्वांडो का ब्लैक बेल्ट हासिल कर शालिनी श्रीवास्तव ने पटना जिले का नाम रौशन किया। सबसे कम उम्र में ब्लैक बेल्ट हासिल करने का रिकॉर्ड भी शालिनी श्रीवास्तव के नाम दर्ज हो गया हो गया।


शालिनी श्रीवास्तव ने दिल्ली व नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के साथ-साथ अबतक विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक अर्जित कर चुकी है। शालिनी श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर 1996 में बिहार सरकार ने उनको सम्मनित भी किया, पर इस बिहार की बेटी को जब इंटरनेशनल मैच के लिये ऑस्ट्रेलिया जाना था तो बिहार सरकार ने कोई मदद नहीं की वो खुद आपने दम पर इंटरनेशनल ताइक्वांडो मैच खेलने ऑस्ट्रेलिया गई। हलांकि वहाँ इनको पराजय हाथ लगा लेकिन इनके खेल को देखते हुये
ऑस्ट्रेलिया ताइक्वांडो एसोसिएशन स्पेशल अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनके इस संघर्षमयी जीवन में उनके पति ने बहुत साथ दिया आज एक सफल ,उद्यमी है और इंस्टा मॉडल भी है। इनका खुद का यूट्यूब चैनल भी हैं जहाँ से ऑनलाइन व्यायाम भी सिखाती है।

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